Ganesh Chaturthi Puja

Ganesh Chaturthi Puja

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Rs.3,000.00 Rs.2,800.00

पूजन विधि

– शुक्ल पक्ष की चतुर्थी के दिन गुरुवार होने पर गणेश जी को सर्वोषधि और सुंगन्धित द्रव्य पदार्थों से उपलिप्त करें .

– भगवान विघ्नेश के सामने बैठकर ब्राह्मणों से स्वस्तिवाचन कराएं.
– भगवान शंकर जी पार्वती जी और गणेश जी की पूजा करके सभी पितरों और ग्रहों की पूजा करें.
– कलश स्थापित करके उसमें सप्तमृत्तिका गुग्गल आदि द्रव्य तथा सुगन्धित पदार्थ छोड़े.
– शंकर जी पार्वती जी और गणेश जी को पंचामृत से स्नान करा कर शुद्ध जल से स्नान कराएं.
– शंकर जी पार्वती जी और गणेश जी को सिंहासन प्रदान करें.
– शंकर जी और गणेश जी को यज्ञोपवित पहनाएं.
– सभी को वस्त्र अर्पित करें.
– चन्दन रोली सिन्दूर और फिर चांवल चढ़ाएं.
– सभी देवी देवताओं को पुष्प माला और आभूषण से अलंकृत करें.
– गणेश जी को अष्टदुर्वा अर्पित करें.
– मिष्ठान का भोग लगाएं, गणेश जी को मोदक और बूंदी के लड्डू अति प्रिय हैं उनका भोग अवश्य लगाएं.
– उसके पश्चात् ऋतु फल अर्पित करें.
– पान लौंग इलायची और द्रव्य चढ़ाएं.
– उसके पश्चात् गणेश जी की और शंकर जी की आरती करें. जो लोग मूर्ति स्थापित करे वह पूर्ण वाले दिन जिस दिन विसर्जन करे उस दिन हवन अवश्य करें.

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Description

गणेश चतुर्थी हिंदू धर्म में मनाया जानें वाला त्यौहार है। गणेश चतुर्थी का त्यौहार अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार हर साल अगस्त और सितंबर के महीनें में और हिंदी कैलेंडर के अनुसार भाद्र माह में मनाया जाता है। इस साल गणेश चतुर्थी 2 सितंबर 2019 को पूरे भारत वर्ष में मनाई जाएगी। गणेश चतुर्थी का त्यौहार पूरे 11 दिन का होता है। यह त्यौहार 11 दिनों तक चलने वाला सबसे लंबा त्यौहार है। गणेश चतुर्थी के दिन लोग अपने घरों में गणेश जी की मिट्टी की मूर्ति लेकर आते हैं और 10 दिन तक उनकी पूजा करने के बाद 11वें दिन गणेश विसर्जन कर देते हैं।

गणेश चतुर्थी का त्यौहार देश के विभिन्न राज्यों में मनाया जाता है लेकिन मुख्य रूप से महाराष्ट्र में मनाया जानें वाला सबसे बड़ा त्यौहार है। यह त्यौहार चतुर्थी के दिन घर और मंदिर में गणेश मूर्ति स्थापना से शुरू होता है। लोग अपने घरों में गणेश जी मूर्ति बड़ी धूमधाम से ढोल-नगाड़े बजाकर लेकर आते हैं। गणेश चतुर्थी से कुछ दिनों पहले ही बाजारों में रोनक शुरू हो जाती और मिट्टी से बनीं गणेश जी की अलग अलग तरह की प्रतिमाएँ मिलती है। सभी लोग गणेश चतुर्थी से लेकर अगले 10 दिन तक अपने घरों और मंदिरों में गणेश भगवान की पूजा और अराधना करते हैं, गीत गाते हैं, नाच गाना करते हैं, मंत्रोच्चारण करते हैं, आरती करते और गणेश जी को मोदक का प्रसाद चढ़ाते हैं। इन दिनों में मंदिरों में खूब साज-सजावट की जाती। कोई भी नया काम शुरू करने से पहले गणेश भगवान को सबसे पहले याद किया जाता है। गणेश भगवान सभी बच्चों के सबसे प्रिय भगवान हैं। बच्चे उन्हें प्यार से गणेशा बुलाते हैं।

गणेश भगवान के जन्मदिन के रूप में गणेश चतुर्थी मनाई जाती है। एक बार भगवान शिव ने गुस्से में अपने पुत्र गणेश का सर काट दिया था। लेकिन फिर एक हाथी का सर उनके धड़ से जोड़ दिया गया था। इस तरह से गणेश भगवान ने अपना जीवन दोबारा पाया। इस दिन को ही गणेश चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है। अन्नत चतुर्दशी के दिन यानि 11वें दिन गणेश विसर्जन के साथ गणेश भगवान को विदा कर दिया जाता है और अगले बरस जल्दी आने की कामना की जाती है।

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